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कहीं राजनीति में फंस ना जाए Sushant Singh Rajput का मामला,मिलना चाहिए इन्साफ

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सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसा बॉलीवुड सितारा जो कि आज के टाइम में सबसे ऊपर नजर आ रहा है और कारण है सुशांत सिंह राजपूत के। जैसा कि हम सभी जानते हैं सुशांत सिंह राजपूत ने अपने मुंबई के फ्लैट में आत्महत्या की पहले तो यह आत्महत्या का मुद्दा था और सभी के दिलों में इस खबर को जान ने के बाद दुख और निराशा भर गई। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया इस केस ने कई मोड मुड़े हर बार कुछ नई चौका देने वाली बातें निकलकर लोगों के सामने आए। सुशांत सिंह राजपूत आज भारतीय युवाओं के दिलों में हैं ।

जैसा कि हम सभी जानते हैं इतना बड़ा कोई बवाल मच जाए और उसमें राजनीति ना आए ऐसा कैसे हो सकता है। सभी राजनीतिक दल सुशांत सिंह राजपूत केस से अपना फायदा देख रहे हैं महाराष्ट्र की सरकार को मीडिया, देश से आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में इस समय शिवसेना की सरकार है और शिवसेना के साथी हैं कांग्रेस और एनसीपी और बीजेपी महाराष्ट्र में विपक्ष का किरदार निभा रही हैं राजनीतिक मुद्दा तो यह बन ही चुका है उसके साथ ही एक नए तरीके की लड़ाई भी चल रही है वह है मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के बीच। मुंबई पुलिस को पूरे देश से आलोचनाएं मिल रही हैं और वही बिहार पुलिस पूरे देश में ईमानदार पुलिस बनकर सामने आई है।

वैसे देखा जाए तो कहीं ना कहीं यह तो लग रहा है कि मुंबई पुलिस केस को दबाना चाहती है और बिहार पुलिस केस को पूरा जोर देकर सही फैसले तक लेकर जाना चाहती है। इसी वजह से महाराष्ट्र की सरकार और मुंबई की पुलिस भारत की जनता के घेरे में आ चुकी है। और अभी बिहार में चुनाव भी आने वाले हैं इसी वजह से बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियां सुशांत को सपोर्ट करेंगी है और चाहते हैं कि जल्द से जल्द सुशांत को इंसाफ मिले और इस केस की गुत्थी सुलझ कर दुनिया के सामने आए। यह मुद्दा इसलिए भी राजनीतिक बनता जा रहा है क्योंकि सुशांत राजपूत जाति से थे। हालांकि बिहार में मात्र 4% राजपूत रहते हैं यह इतना बड़ा वोट बैंक तो नहीं बन सकता लेकिन सारा यूथ आज के समय में सुशांत के साथ है और इस केस को जल्द से जल्द सही नतीजे तक पहुंचाना चाहता है। और इस बार बिहार चुनाव में कई नए बच्चे वोट डालने वाले हैं यानी कि कहने का अर्थ यह है कि इस बार काफी ज्यादा मात्रा में यूथ वोट बैंक बनेगा। इसी वजह से बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियां सुशांत सिंह केस को बढ़ावा दे रही है और एक नतीजे तक पहुंचाना चाहती है।

दूसरी तरफ महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ती ही जा रही है साथ में मुंबई पुलिस पर भी सवाल यहां पर निशान बढ़ते जा रहे हैं। बीजेपी साफ तौर पर सुशांत के परिवार के साथ है और जब हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर सुशांत के पिता के के सिंह से मिले तब यह बात बिल्कुल साफ हो गई।

कोई गलत बात तो नहीं है सुशांत के परिवार के साथ होना लेकिन अगर इस केस में ऐसे ही राजनीति चलती रही ऐसे ही हर पक्ष अपना विचार लोगों के सामने रखता रहा तो केस काफी उलझ जाएगा और ऐसा भी हो सकता है कि सुशांत सिंह राजपूत को इंसाफ मिलने में या यूं कहूं इस केस के नतीजे निकलने में बेहद ही ज्यादा देरी हो सकती है। और इसी वजह से हम यही कहते हैं कि राजनीतिक मुद्दे को सुशांत के केस से नहीं जोड़ना चाहिए। और साथ ही सुशांत सिंह राजपूत के केस को जल्द ही इमानदारी से सुलझा देना चाहिए।

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